रायपुर, छत्तीसगढ़ – बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा जारी युक्तियुक्तकरण आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस आदेश को रद्द नहीं किया, तो बसपा पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेगी।

बसपा रायपुर के जिला अध्यक्ष एडवोकेट संतोष मारकंडे ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि “शिक्षा के मंदिरों को बंद करना राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। यह देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जहाँ नियमित रूप से संचालित शैक्षणिक संस्थानों को बंद किया जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित वे विद्यार्थी होंगे जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं और ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में निवासरत हैं। ये बच्चे सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करते हैं और इस निर्णय से उनके भविष्य पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।”

एड. मारकंडे ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का यह निर्णय निजी संस्थाओं को लाभ पहुंचाने की मंशा से लिया गया है। “यह कदम सरकारी नौकरियों को सीमित करने की दिशा में पहला प्रयास है। यह आने वाले समय में वंचित वर्गों के शिक्षित युवाओं को बेरोजगारी की ओर धकेलने की एक दीर्घकालिक साजिश है,” उन्होंने कहा।

बसपा नेता ने यह भी कहा कि “सरकारी स्कूल बड़ी मुश्किल से खुलते हैं और अब उन्हें भी बंद किया जा रहा है, यह बेहद दुखद है। सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।”

एडवोकेट मारकंडे ने शिक्षकों की जायज़ मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह युक्तियुक्तकरण आदेश को तत्काल निरस्त करे। अन्यथा, बहुजन समाज पार्टी इस आदेश के खिलाफ उग्र आंदोलन करेगी।

By जन स्वराज न्यूज़ 24

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