नई दिल्ली । “वो लोकतंत्र कैसा जहाँ जनता की आवाज़ उठाने पर पाबंदी लग जाए। मतदाता का अधिकार मारना, जनतंत्र के अधिकार को मारना है।” समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में चुनाव आयोग के फैसले पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर तर्क यही है कि चुनाव आयोग को किस-किस को जवाब देना है, तो कल को यही सरकार ‘सूचना के अधिकार’ को भी समाप्त कर सकती है।

अखिलेश यादव ने आगे कहा, “अगर आज मतदाता का अधिकार दबाया जा रहा है, तो कल और भी अधिकार छीने जा सकते हैं। हमें इसे समझने और इसके खिलाफ खड़े होने की जरूरत है।”

उन्होंने भाजपा के खिलाफ अपील करते हुए कहा, “आज के दिन, मतदाता की आवाज़ होनी चाहिए, और मतदाता को कहना चाहिए, ‘हमें भाजपा नहीं चाहिए’।”

अखिलेश यादव का यह बयान भारतीय राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे सकता है, जहां लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन की चिंता और विपक्षी दलों द्वारा भाजपा की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की बात हो रही है।

By जन स्वराज न्यूज़ 24

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