रायपुर, 22 दिसंबर 2024: वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर नवा रायपुर के नंदनवन जंगल सफारी में “प्रकृति दर्शन” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। अब तक 200 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों के करीब 15,000 विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया है। यह कार्यक्रम पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है, ताकि विद्यार्थी प्रकृति के महत्व को समझें और वन्यजीवों को करीब से देख सकें।
नंदनवन जंगल सफारी में चल रहे इस कार्यक्रम ने न केवल विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के बारे में जानकारी दी है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सफारी की नेचर एजुकेशन टीम ने विद्यार्थियों को शेर, बाघ, सफेद बाघ, हिमालयी भालू और अन्य प्रमुख वन्यजीवों के व्यवहार, आवास और पारिस्थितिकी भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के जंगलों में पाए जाने वाली तितलियों, पक्षियों और सूक्ष्मजीवों की पर्यावरणीय संतुलन में भूमिका को भी समझाया गया।
इस कार्यक्रम में औषधीय पौधों और उनके उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने इन सत्रों में गहरी रुचि दिखाई और प्रकृति के विभिन्न पहलुओं को जानने के लिए सवाल पूछे। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से नंदनवन जंगल सफारी में प्रकृति पर आधारित मॉड्यूल भी तैयार किए गए हैं, जो विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के महत्व को समझने में मददगार साबित हो रहे हैं।
नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आगामी पीढ़ी को प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। यह पहल बच्चों को पर्यावरण से जोड़ने और उनके ज्ञान में वृद्धि करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए हम इसे और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।