महाराष्ट्र। बच्चों की मानसिकता पर खतरनाक प्रभाव हाल ही में बच्चों में “छावा” का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है, जो उनकी मानसिकता पर गहरा असर डाल रहा है। मनोरंजन के नाम पर पेश की जाने वाली यह प्रवृत्ति आक्रामकता, विद्रोही व्यवहार और अनुकरण की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, किशोरावस्था में दिमाग सबसे अधिक प्रभावित होता है, और इस तरह की धारणा उनके सोचने-समझने की क्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकती है। लगातार इस तरह की सामग्री देखने से बच्चे हिंसक और उग्र व्यवहार को सामान्य मान सकते हैं, जिससे उनकी सामाजिक और मानसिक स्थिति पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
अभिभावकों और शिक्षकों को सतर्क रहने की जरूरत है ताकि बच्चे सकारात्मक सोच और स्वस्थ मानसिकता विकसित कर सकें।