भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के अपमान पर भड़के चंद्रशेखर आज़ाद, की सख्त कार्रवाई की मांग
सूरज कुमार, संवाददाता
हरियाणा। हरियाणा के पलवल जिले में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी के बोर्ड को उखाड़ फेंकने की घटना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह सामाजिक न्याय के खिलाफ एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के अपमान पर भड़के चंद्रशेखर आज़ाद, की सख्त कार्रवाई की मांग और कहा कि यह कृत्य उन जातिवादी मानसिकताओं को उजागर करता है, जो आज भी पिछड़े, दलित और वंचित समाज के महापुरुषों के सम्मान से चिढ़ती हैं।
कर्पूरी ठाकुर: एक विचारधारा, जिसे मिटाया नहीं जा सकता
कर्पूरी ठाकुर केवल एक नाम नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक क्रांति और हक-हकूक की ज्वलंत मशाल हैं, जिसे कोई भी शक्ति मिटा नहीं सकती। यह हमला उस विचारधारा पर किया गया है जिसने पिछड़ों, दलितों और गरीबों को उनका हक दिलाने के लिए संघर्ष किया। यह घटना यह भी दर्शाती है कि जातिवादी शक्तियां समतामूलक समाज से भयभीत हैं और कर्पूरी ठाकुर जैसे महापुरुषों के प्रतीकों को नष्ट कर बहुजन चेतना को कमजोर करना चाहती हैं।

मांगें:
1️⃣ दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
2️⃣ उसी स्थान पर पुनः कर्पूरी ठाकुर जी का सम्मानजनक बोर्ड लगाया जाए और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
3️⃣ सरकार और प्रशासन इस घटना की सार्वजनिक रूप से निंदा करें और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त संदेश दें।
सख्त चेतावनी
यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो इसे बहुजन समाज पर हमला माना जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।