छत्तीसगढ़। प्राचार्य पदोन्नति में आरक्षण रोस्टर का पालन करने की मांग को लेकर अनुसूचित जनजाति अनुसूचित जाति वर्ग के शिक्षक संवर्ग, व्याख्याता संवर्ग एवं कर्मचारियों, अधिकारियों के आरक्षण सहित पदोन्नति फोरम छत्तीसगढ़ के माध्यम से सचिव लोक सेवा आयोग,सचिव सामान्य प्रशासन विभाग,सचिव स्कूल शिक्षा विभाग,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को लीगल अभ्यावेदन सहित संवैधानिक अधिकारों को लागू करने पर बात रखी गई।
स्कूल शिक्षा सचिव मा सिद्धार्थ कोमलसिंह परदेशी के समक्ष संवैधानिक प्रावधानों को प्रमुखता से रखकर आरक्षण रोस्टर पर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश 24/02/2025 के अनुसार अपना पक्ष रखा और कहा कि विभाग अनुसूचित जाति,जनजाति वर्ग का प्रतिनिधित्व प्राचार्य पद में जांच ले,अपर्याप्त प्रतिनिधित्व होने के बावजूद पदोन्नति में आरक्षण नीति नहीं नहीं करना, अनुसूचित जाति,जनजाति वर्गों के साथ अन्याय है,इनके संवैधानिक अधिकारो का हनन है।सचिव महोदय ने पीएससी से चर्चा करने का भरोसा दिया है। लोक सेवा आयोग एवं लोक शिक्षण संचालनालय में भी अधिकारियों से इसके बारे में चर्चा किया गया।

इस दौरान सोशल जस्टिस लीगल फाउंडेशन, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजातीय शासकीय सेवक विकास संघ, अजाक्स संघ, क्रांतिकारी शिक्षक संघ के पदाधिकारी गण एवं राज्य भर से सैकड़ो की संख्या में व्याख्याता,हेड मास्टर, शिक्षक एवं कर्मचारी अधिकारी साथीगण उपस्थित थे।
