सूरज कुमार की रिपोर्ट
नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती ने आज एक बार फिर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अनादरपूर्ण बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने ट्वीट कर कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर, जिनका योगदान भारतीय संविधान में दलित, वंचित और अन्य उपेक्षित वर्गों के अधिकारों को सुनिश्चित करने में था, उन्हें भगवान के समान पूजा जाता है। उनका अपमान देशवासियों के दिलों को आहत करता है।
मायावती ने कहा कि अमित शाह के संसद में दिए गए बयान ने पूरे देश में उथल-पुथल मचाई है और समाज के सभी वर्गों में गुस्से की लहर पैदा की है। उन्होंने सरकार से अपील की कि शाह अपने बयान को वापस लें और माफी मांगें, लेकिन अब तक इस पर कोई कदम नहीं उठाया गया है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की जाती, तो बीएसपी 24 दिसंबर 2024 को देशभर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित करेगी। पार्टी ने इस दिन को देशव्यापी आंदोलन के रूप में मनाने का फैसला लिया है, जो सभी जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्वक किया जाएगा।
मायावती ने यह भी कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता, जिन्होंने दलितों, बहुजनों और पिछड़े वर्गों के लिए संघर्ष किया और उन्हें संविधान में कानूनी अधिकार दिलवाए। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा जैसी पार्टियों से अपील की कि अगर वे बाबा साहेब का सम्मान नहीं कर सकतीं, तो कम से कम उनका अपमान न करें।
बीएसपी प्रमुख ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि बाबा साहेब के कारण एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को जो कानूनी अधिकार मिले, वही उनके जीवन का सर्वोत्तम सम्मान है।