बेंगलुरु, 22 मार्च 2024: शेषाद्रिपुरम इवनिंग कॉलेज, बेंगलुरु द्वारा आयोजित 7-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के दौरान डॉ. संजय कुमार यादव, सहायक प्रोफेसर, प्रबंधन संकाय, सर पदमपत सिंघानिया विश्वविद्यालय, उदयपुर ने शोध डिज़ाइन और डेटा विश्लेषण पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। यह कार्यक्रम संकाय सदस्यों के कौशल विकास और शोध क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

21 मार्च को आयोजित इस सत्र में डॉ. यादव ने शोध डिज़ाइन के महत्व, प्रकार और डेटा विश्लेषण की विभिन्न तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि एक सुव्यवस्थित शोध डिज़ाइन किस प्रकार शोध के परिणामों की विश्वसनीयता और वैधता को बढ़ाता है। उनके व्याख्यान में शोध के विभिन्न पहलुओं जैसे अन्वेषणात्मक, वर्णनात्मक, प्रायोगिक और सहसंबंधात्मक डिज़ाइन के साथ-साथ गुणात्मक और मात्रात्मक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया।
डॉ. यादव ने अपने सत्र की शुरुआत आयोजक समिति और संयोजक को धन्यवाद देते हुए की और कहा कि यह मंच शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए ज्ञान साझा करने का एक उत्कृष्ट अवसर है। उन्होंने शोध के दृष्टिकोण, आगमनात्मक एवं निगमनात्मक तर्क, और मिश्रित विधियों की आधुनिक शोध में भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की।
इस व्याख्यान को एफडीपी में भाग लेने वाले संकाय सदस्यों और शोधकर्ताओं द्वारा खूब सराहा गया। डॉ. यादव ने शोध के जटिल विषयों को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया, जिससे सत्र बेहद संवादात्मक और ज्ञानवर्धक बन गया।
शेषाद्रिपुरम इवनिंग कॉलेज का यह अंतरराष्ट्रीय एफडीपी कार्यक्रम संकाय सदस्यों के कौशल विकास और ज्ञान विनिमय का एक प्रभावी मंच बना हुआ है। डॉ. यादव के योगदान ने न केवल भागीदारों के लिए इस कार्यक्रम को अत्यंत लाभदायक बनाया, बल्कि एफडीपी की शैक्षणिक गुणवत्ता को भी नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया।