नई दिल्ली: आज, 18 दिसंबर को पूरे देश में गुरु घासीदास जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। छत्तीसगढ़ के महान संत और सतनामी संप्रदाय के प्रवर्तक, गुरु घासीदास बाबा की जयंती पर विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में, इस अवसर पर विशेष समारोहों का आयोजन हो रहा है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। गुरु घासीदास के सत्य, समानता और अहिंसा के संदेश को याद करते हुए भजन-कीर्तन और प्रवचनों का दौर जारी है। राजकीय स्तर पर भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें उनकी शिक्षाओं और समाज के प्रति उनके योगदान पर चर्चा की जा रही है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और अन्य महानगरों में सतनामी समाज और श्रद्धालुओं द्वारा शोभायात्राएं निकाली जा रही हैं। इन आयोजनों में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिल रहा है। लोग भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना के माध्यम से गुरु घासीदास बाबा को नमन कर रहे हैं।
गुरु घासीदास का संदेश, जिसमें उन्होंने भेदभाव को समाप्त कर प्रेम और समानता का आह्वान किया था, आज भी प्रासंगिक है। देशभर में लोग इस मौके पर उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने का संकल्प ले रहे हैं।
नेता और प्रमुख हस्तियां सोशल मीडिया पर गुरु घासीदास को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही हैं। कार्यक्रमों में उमड़ी भीड़ और भक्तिभाव से देश में गुरु घासीदास बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रमाण मिल रहा है।
संवाददाता सूरज कुमार