काहिरा (Egypt)। छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हुए पी डी पंथी परिवार ने Egypt में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में पंथी नृत्य की भव्य प्रस्तुति दी। इस कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत किया गया।

बाबा गुरु घासीदास के संदेश की गूंज
पंथी नृत्य बाबा गुरु घासीदास जी के उपदेश ‘मानव-मानव एक समान’ पर आधारित है, जो पूरे विश्व को समानता और एकता का संदेश देता है। इस नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने सांस्कृतिक एकता का अद्भुत प्रदर्शन किया।

लोकसंस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान
पंथी नृत्य के अलावा टीम ने कर्मा, सुवा, और बस्तर की अद्वितीय लोकसंस्कृति को भी प्रदर्शित किया, जिससे छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं को अंतर्राष्ट्रीय सम्मान मिला।

Egypt गवर्नर को भेंट किया स्मृति चिन्ह
इस अवसर पर पी डी पंथी परिवार ने बाबा गुरु घासीदास जी की स्मृति में Egypt के गवर्नर को एक प्रतीक चिन्ह सप्रेम भेंट किया, जिससे छत्तीसगढ़ और भारत की संस्कृति को और भी मजबूती मिली।

अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से नवाजे गए कलाकार
Egypt सरकार ने पी डी पंथी परिवार को विशेष शील्ड और पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिससे छत्तीसगढ़ के कलाकारों को एक नई पहचान मिली।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान
यह छत्तीसगढ़ और भारत के लिए गर्व का क्षण है, क्योंकि टीम को 8 देशों से आमंत्रण मिला और यह टीम तीन बार राष्ट्रीय गोल्ड मेडल विजेता रह चुकी है। इसके अलावा, गणतंत्र दिवस परेड 2023 में भी इस टीम ने कर्तव्य पथ पर विशेष प्रदर्शन किया था।

कलाकारों का अमूल्य योगदान
इस ऐतिहासिक उपलब्धि में पुनदास, डॉ. हरेंद्र, मनोज कुमार, रामाधार बंजारे, अल्का मिंज, आकांक्षा केशवानी, मुस्कान देशलहरे, आकांक्षा वर्मा का विशेष योगदान रहा।

छत्तीसगढ़ की धरोहर ने रचा इतिहास
Egypt में छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने अपनी लोकसंस्कृति का परचम लहराकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं के वैश्विक प्रसार में एक महत्वपूर्ण कदम है।

By जन स्वराज न्यूज़ 24

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