जातिवाद अपने चरम सीमा पर

संजीत बर्मन की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़। हाल ही में छत्तीसगढ़ पीएससी द्वारा परिवहन उप निरीक्षक का परिणाम जारी किया गया, जिसमें अनुसूचित जाति वर्ग के राकेश कुमार पात्रे ने अपने असाधारण प्रदर्शन से सफलता हासिल की। लिखित परीक्षा में 300 में से 242.64 अंक प्राप्त करने के बावजूद, इंटरव्यू में उन्हें मात्र 4 अंक दिए गए। इसके बावजूद, उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें टॉपर बनाया।

यह परिणाम उन जातिवादी मानसिकताओं के मुंह पर करारा तमाचा है, जो वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली लोगों को प्रतियोगिता से बाहर करने की साजिश रचते हैं। यदि राकेश कुमार पात्रे ने लिखित परीक्षा में इतने अच्छे अंक प्राप्त न किए होते, तो न केवल वह टॉपर बनने से वंचित रह जाते, बल्कि चयन सूची से भी बाहर हो जाते।

यह खबर गुरु घासीदास जी की जयंती के दिन प्रकाशित हुई, जो यह दर्शाती है कि जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता जैसी समस्याएं अभी भी हमारे समाज में व्याप्त हैं। गुरु घासीदास जी के वचन “मानव-मानव एक समान” की बात करने वाले लोग, अपने दैनिक जीवन में इस विचारधारा को अपनाने में असफल रहते हैं।

जातिगत भेदभाव और आरक्षित वर्गों के हितों पर कुठाराघात:
भारत में इंटरव्यू प्रक्रिया लंबे समय से वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली उम्मीदवारों को बाहर करने का माध्यम बनती रही है। जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाली मानसिकता केवल परीक्षाओं में नहीं, बल्कि शैक्षणिक और कार्यक्षेत्र में भी गहराई तक जड़ें जमा चुकी है। गुरु घासीदास जी के नाम पर स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर में भी जातिवाद की इसी मानसिकता के उदाहरण मिलते हैं।

दुख की बात यह है कि आरक्षित वर्ग से चयनित होकर साधन संपन्न बने लोग भी अपनी जाति और समुदाय से दूरी बनाते हुए अन्याय और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने से कतराते हैं। ऐसे लोग, जो समाज में बदलाव ला सकते हैं, अक्सर अपनी जिम्मेदारियों से बचते हैं। इसके विपरीत, जो युवा अन्याय और भेदभाव के खिलाफ खड़े होते हैं, उनके खिलाफ ही दुष्प्रचार कर गलतफहमियां पैदा की जाती हैं।

जातिगत भेदभाव के प्रति चुप रहकर आप समाज में “चालाक” कहलाए जा सकते हैं, लेकिन इससे इस सामाजिक बुराई से मुक्त नहीं हो सकते। यह जरूरी है कि हर व्यक्ति जाति, धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर समानता, न्याय और समरसता के मूल्यों को अपनाए। राकेश कुमार पात्रे जैसे उदाहरण हमें यह सिखाते हैं कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी साजिश सफल नहीं हो सकती।

By जन स्वराज न्यूज़ 24

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