“मैं उस पार्टी और उस संस्कृति से आता हूँ, जो स्वप्न में भी बाबासाहेब और उनके विचारों का अपमान नहीं कर सकती”।


नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम के दौरान बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और उनके विचारों पर दिए गए बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा, “मैं उस पार्टी और उस संस्कृति से आता हूँ, जो स्वप्न में भी बाबासाहेब और उनके विचारों का अपमान नहीं कर सकती। यदि मेरे किसी कथन से किसी की भावना आहत हुई है, तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ।”

इस माफी के बाद राजनीतिक गलियारों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां कुछ दल इसे सच्चे दिल से की गई माफी मान रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे जनता के आक्रोश का परिणाम बता रहा है।

अमित शाह ने अपने बयान के माध्यम से बाबासाहेब के योगदान और उनकी विचारधारा के प्रति अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “बाबासाहेब ने भारत को जो संविधान दिया है, वह हम सभी के लिए मार्गदर्शक है और रहेगा।”

यह बयान बाबासाहेब के विचारों पर भाजपा की निष्ठा को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से दिया गया है। हालांकि, विपक्षी दलों ने इसे लेकर बहस तेज कर दी है और इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।

सूरज कुमार की रिपोर्ट

By जन स्वराज न्यूज़ 24

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