14 December 2024
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तेज़ी से बढ़ती तकनीक को जहां एक ओर मानवता के लिए वरदान माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह अब खतरनाक हथियार बनने की ओर भी बढ़ रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि AI का दुरुपयोग न केवल साइबर अपराधों बल्कि वैश्विक सुरक्षा को भी गंभीर खतरा पहुंचा सकता है।
AI कैसे बन सकता है घातक हथियार?
AI तकनीक का इस्तेमाल ड्रोन, रोबोट और साइबर अटैक सिस्टम्स में हो रहा है। यदि यह गलत हाथों में चला जाए, तो इसका उपयोग स्वचालित हथियारों और आत्मनिर्भर हत्यारे रोबोट (किलर रोबोट्स) के रूप में किया जा सकता है।
इसके अलावा, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि AI आधारित साइबर हमले इतने शक्तिशाली हो सकते हैं कि वे बैंकिंग सिस्टम, स्वास्थ्य सेवाओं, और यहां तक कि सैन्य नेटवर्क को भी ध्वस्त कर सकते हैं।
AI से जुड़े जोखिम
- स्वचालित हथियारों का विकास: AI का उपयोग ऐसे हथियारों के निर्माण में किया जा रहा है, जो बिना इंसानी निर्देश के खुद ही हमले कर सकते हैं।
- डाटा चोरी और निजता का हनन: AI के जरिए बड़ी संख्या में संवेदनशील जानकारियां चोरी हो सकती हैं।
- झूठी जानकारी और फेक न्यूज का प्रसार: AI तकनीक का उपयोग गलत सूचनाएं फैलाने में भी किया जा सकता है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।
- आर्थिक असमानता का खतरा: AI के कारण कई नौकरियां खत्म हो रही हैं, जिससे समाज में असमानता बढ़ रही है।
वैश्विक स्तर पर चिंता
संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक संगठनों ने AI के सैन्य उपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। कई देशों में स्वचालित हथियारों के निर्माण और उपयोग पर पाबंदी लगाने की मांग की जा रही है।
क्या हो सकता है समाधान?
- AI के उपयोग पर सख्त नियम: तकनीकी विकास को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त नियम बनाए जाने चाहिए।
- जागरूकता फैलाना: AI के खतरे को समझाने और इसे सुरक्षित रूप से इस्तेमाल करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
- सुरक्षा उपायों में सुधार: AI आधारित सिस्टम को हैकिंग और दुरुपयोग से बचाने के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करने की आवश्यकता है।
AI तकनीक के अनगिनत फायदे हैं, लेकिन इसका दुरुपयोग इसे मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बना सकता है। यह जरूरी है कि AI पर नियंत्रण रखने के लिए वैश्विक स्तर पर कदम उठाए जाएं, ताकि इसे विनाशकारी हथियार बनने से रोका जा सके।